यह पत्रकार-लेखक-फिल्मकार,समाज विश्लेषक व चिंतक धनंजय कुमार द्वारा सृजित, विस्तारित और क्रियान्वित विचार है। यह गाँव को आत्मनिर्भर बनाता है। गाँव का सर्वांगीण विकास करता है और सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक विकास के साथ-साथ राजनीतिक व सांस्कृतिक विकास को भी समुचित महत्व देता है
Tuesday, 26 March 2013
"हमारे गाँव" के तहत गाँव के किसानों-मजदूरों और विकास की दौड़ में छूट गए ग्रामीणों के बीच शिक्षा का प्रकाश फैलाने और खेती को लाभ का कार्य बनाने की लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में किए जा रहे कार्यों की झलक.
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